पिडीलाइट को हाईकोर्ट से राहत, उत्पाद के कम वजन के आरोप में हुई कार्रवाई निरस्त
लखनऊ, जुलाई 16 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पिडीलाइट इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड को बड़ी राहत देते हुए, मेट्रोलॉजी विभाग द्वारा वर्ष 2013 में उसके एक एम-सील उत्पाद के कथित कम वजन के आरोप में शुरू की गई कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर ने उक्त कंपनी की याचिका पर दिया। न्यायालय ने कहा कि निर्माता के विरुद्ध कार्रवाई से पहले लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटी) नियम, 2011 में निर्धारित अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलील दी कि झांसी में एक खुदरा विक्रेता की दुकान पर निरीक्षण के दौरान विभागीय निरीक्षक ने 25 ग्राम के एम-सील पैक में रेज़िन का वजन शून्य पाए जाने का दावा करते हुए, कंपनी के खिलाफ नोटिस जारी किया था। तर्क दिया कि निरीक्षण नियमों के अनुरूप नहीं हुआ तथा नियम ...
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