नई दिल्ली, मई 14 -- दुनिया पर एक बार फिर मौसम की सबसे खौफनाक घटनाओं में से एक का साया मंडरा रहा है। प्रशांत महासागर में तेजी से 'अल नीनो' की स्थिति विकसित हो रही है, जो बेहद ताकतवर रूप ले सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के लिए यह किसी बुरे सपने के सच होने जैसा है, क्योंकि 1877 में जब इसी तरह का एक भयंकर 'सुपर अल नीनो' आया था, तब दुनिया भर में करोड़ों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। ताजा वेदर अपडेट्स और वैश्विक पूर्वानुमानों के मुताबिक, 2026 में भी कुछ ऐसे ही हालात बनते दिख रहे हैं, जिसने भारत समेत पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।1877 में क्या हुआ था? खौफनाक है इतिहास इतिहास के पन्नों में 1877-1878 के 'सुपर अल नीनो' को सबसे विनाशकारी मौसमी घटनाओं में गिना जाता है। उस दौरान इसके प्रभाव से भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों में भयंकर सूखा पड़ा था। ...