हापुड़, मई 1 -- मुलित त्यागी हापुड़। किस्मत कब बदल जाए, ये किताबों में भी लिखा हुआ है। 5 साल पहले जिस क्षेत्र को एनसीआर का पिछड़ा क्षेत्र कह कर जनता डिमांड करती थी। वहां आज नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने लगा है। 10 लाख रुपये बीघा में बिकने वाली जमीन आज 50 लाख रुपये बीघा में नहीं मिल रही है। यह भी पढ़ें- गंगा एक्सप्रेसवे: उत्तर प्रदेश में वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का संकल्प पथगंगा एक्सप्रेसवे का प्रभाव राजा भगीरथ गंगा को लेकर आए, जिसके किनारे पूजा पाठ और धार्मिक कार्यों से लोगों के व्यापार जुड़ गए। परंतु इस बार गंगा एक्सप्रेस वे ने गंगा किनारे वाले खादर क्षेत्र की तस्वीर-तकदीर बदल दी है। केवल धान और गन्ने की फसल वाले गंगा किनारे वाले खादर के जंगल में हर साल सीमा विवाद को लेकर बंदूके तन जाती थी। परंतु अब वहां पर उद्योग लगाने के लिए...
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