नई दिल्ली, जून 25 -- विदेश मंत्रालय (MEA) के एक हालिया बयान ने भारत में नागरिकता से जुड़ी एक पुरानी बहस को फिर से गरमा दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट भारत की नागरिकता का अंतिम या पक्का सबूत नहीं है। बुधवार को पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर ई-पासपोर्ट के फायदों के बारे में बताते हुए यह तकनीकी स्पष्टीकरण दिया गया। इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि अगर विदेश यात्रा कराने वाला और कड़ी पुलिस वेरिफिकेशन के बाद जारी होने वाला पासपोर्ट भी नागरिकता का पुख्ता प्रमाण नहीं है, तो फिर वह कौन सा दस्तावेज है जो इसे साबित करता है?पासपोर्ट एक्ट और नागरिकता का पेंच विदेश मंत्रालय का यह बयान इसलिए थोड़ा अटपटा लग सकता है क्योंकि पासपोर्ट बनाने का पूरा कानून ही इसी आधार पर टिका है कि इसका धारक एक भारतीय नागरिक है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की...