बिहारशरीफ, मार्च 31 -- पावापुरी ने वर्द्धमान को बनाया भगवान महावीर यहीं मिला आत्मज्ञान, यहीं प्राप्त हुआ मोक्ष जैन श्रद्धालुओं के लिए पावापुरी दर्शन से ही जीवन हो जाता है धन्य फोटो : जलमंदिर केके 02 : पावापुरी का जलमंदिर। पावापुरी, निज संवाददाता। जब पूरी दुनिया आज शांति, अहिंसा और सत्य की राह तलाश रही है, ऐसे समय में भगवान महावीर और उनकी निर्वाण स्थली पावापुरी को स्मरण करना और भी प्रासंगिक हो जाता है। यह केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि वह पुण्यभूमि है, जिसने वर्द्धमान को भगवान महावीर बनाया। यही वह पावन धरती है, जहां महावीर स्वामी ने लोककल्याण के लिए अपने अंतिम उपदेश दिए। सत्य-अहिंसा का अमर संदेश दिया और अंतत: जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त होकर परम मोक्ष को प्राप्त हुए। पावापुरी की पवित्रता इसी से समझी जा सकती है कि जैन समाज ही नहीं, बल्कि देश-विद...