हापुड़, मार्च 10 -- संपूर्ण पावर सेक्टर के निजीकरण के लिए इलेक्टि्सिटी(अमेंडमेंट) बिल लोकसभा में रखे जाने की कोशिश के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आवाह्न पर मंगलवार को मेरठ रोड स्थित आवास विकास कालोनी में अधिक्षण अभियंता कार्यालय पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने निजीकरण के फैसले को वापस लेने की मांग की।विद्युत कर्मचारियों ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई की सरकार द्वारा लाए गए बिजली कानून-2003 में विनाशकारी संशोधन करके वर्तमान केंद्र सरकार विद्युत(संशोधन) विधेयक-2025 लेकर आई, जिसके माध्यम से बिजली वितरण में निजी कंपनियों में लाइसेंस की जरूरत को खत्म करने, विद्युत नियामक आयोग की व्यवस्था को खत्म करने की व्यवस्था की गई है। इससे कंपनी मनमाने तरीके से काम करके मुनाफा बटोर सकें।उन्होंने कहा कि इस संशोधन विधेयक का...