विकासनगर, फरवरी 10 -- यूजेवीएनएल कर्मियों और स्थानीय लोगों के बाद अब ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने भी विरोध के स्वर मुखर कर दिए हैं। मंगलवार को फेडरेशन ने सूबे के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जमीन का हस्तांतरण जल विद्युत परियोजनाओं के रखरखाव के लिए हानिकारक फैसला बताया। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने बताया कि यूजेवीएनएल कर्मियों और स्थानीय हक हकूकधारियों के भारी विरोध के बीच जमीन का हस्तांतरण किया जाना न्यायोचित नहीं है। जमीन हस्तांतरण का असर पछुवादून की जल विद्युत परियोजनाओं के साथ ही निर्माणाधीन परियोजनाओं पर भी पड़ेगा। बताया कि जमीन हस्तांतरण के बाद लखवाड़, किसाऊ जैसी राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के निर्माण में व्यावहारिक दिक्कतें आ सकती हैं। लिहाजा जमीन हस्तांतरण राष्ट्रीय हित में भी हानिकारक...
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