आदित्यपुर, मार्च 21 -- चांडिल, संवाददाता। दिरलंग के काड़रुबेड़ा में शुक्रवार को भोज वंशीय भूइयां समाज द्वारा पावड़ी पूजा की गई। इस मौके पर महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। महिलाएं पालना जलाशय से कलश लेकर हरि मंदिर पहुंची, जहां मंदिर के चारों और परिक्रमा कर पावड़ी पूजा स्थल में कलश स्थापित की गई। यहां पूजारी ने पावड़ी पूजा की। पूजारी ने बताया कि पावड़ी पूजा प्रकृति, पूर्वजों और पहाड़ी देवताओं की आराधना एवं कृषि पशुपालन की रक्षा के लिए की जाती है। पावड़ी पूजा में सरायकेला, गम्हरिया, चांडिल, ईचागढ नीमडीह एवं तमाड़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों से भूंइया समाज के श्रद्धालु पहुंचे थे। समाज के लोगों ने मां पावड़ी की पूजा अर्चना कर खुशहाली की कामना की। पूजारी ने बताया कि भूइयां समाज के लोग खुद को वन, पहाड़ का रक्षक मानते हैं और अपनी संस्कृति को बनाए रखन...