बिहारशरीफ, फरवरी 2 -- पालना घर : एक संचालित तो दूसरे के लिए 6 माह बाद भी नहीं मिली जमीन पुलिस लाइन में जगह मिलते ही बनाया जाएगा पालना घर कलेक्ट्रेट में रोजाना औसतन 5 शिशुओं की हो रही देखभाल नौकरी-पेशा वालों के 6 माह से 6 साल तक के बच्चों को कार्यावधि में रखने की सुविधा फिलहाल अन्य दफ्तरों में पालना घर खोलने की कोई योजना नहीं फोटो : पालना घर : कलेक्ट्रेट स्थित पालना घर में सोमवार को खेलते नौनिहाल। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। नालंदा जिले में कलेक्ट्रेट व पुलिस लाइन में दो जगहों पर पालना ष्घर खोलने का लक्ष्य है। कलेक्ट्रेट में लगभग ढाई साल से पालना घर चल रहा है। वहां छह माह से छह साल तक के शिशुओं को रखने की पूरी व्यवस्था है। उनके लिए फर्श पर टर्ब भी लगाया गया है। लेकिन, छह माह से पुलिस लाइन में इसके निर्माण के लिए जगह नहीं उपलब्ध करायी जा सकी ...
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