गुमला, जून 2 -- गुमला, संवाददाता। पालकोट वन्यजीव अभयारण्य के इको सेंसिटिव जोन के विस्तार को लेकर विरोध तेज हो गया है। यह भी पढ़ें- वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने का निर्देशविरोध का कारण जिला परिषद के पूर्व सदस्य चैतु उरांव ने लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के सांसद को ज्ञापन सौंपकर भारत सरकार के पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 21 फरवरी 2018 की अधिसूचना को रद्द कराने की मांग की है। बिहार सरकार द्वारा 22 मार्च 1990 को पालकोट वन्यजीव अभयारण्य अधिसूचित किया गया था। बाद में केंद्र सरकार की अधिसूचना के माध्यम से इसका विस्तार करते हुए सिमडेगा जिले के 33 और गुमला जिले के 173 राजस्व गांवों को इको सेंसिटिव जोन में शामिल कर दिया गया।स्थानीय समुदाय की अनदेखी अधिसूचना जारी करने से पूर्व ग्रामसभा, पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद की ...