गिरडीह, मई 28 -- पीरटांड़। पारसनाथ में अतिक्रमण व मांस मदिरा की खरीद बिक्री मामले में विभिन्न गांवों में सर्वेक्षण पर ग्रामीणों ने सवाल खड़ा किया है। सर्वेक्षण के दौरान मंगलवार को जराबाद समेत आसपास के ग्रामीणों ने सर्वे टीम के साथ सवाल जवाब किया। इस दौरान ग्रामीणों ने बलिप्रथा को आदिवासियों की पारम्परिक पूजन पद्धति बताया। ग्रामीणों ने गांव की समस्या भी गिनाई। बताया जाता है कि पारसनाथ में मांस मदिरा का सेवन, खरीद बिक्री तथा अतिक्रमण के मामले में जैन संस्था ने झारखण्ड उच्च न्यायलय में याचिका दायर की है। दायर याचिका संख्या 231/2025 के तहत सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पारसनाथ क्षेत्र का भौतिक सर्वेक्षण तथा जैन समुदाय की भावना को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण व मांस मदिरा की खरीद बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है। गिरिडीह डीसी के आदेशानुसार सर्वे...
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