गिरडीह, मई 23 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। भाकपा माओवादी संगठन का गढ़ मानेवाले पारसनाथ जोन के कई इनामी नक्सली पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। हालांकि सीआरपीएफ व गिरिडीह पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से कुछ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना है तो कुछ नक्सली जेल की सलाखों के पीछे कैद है। पर नक्सलविरोधी अभियान के कारण कई इनामी नक्सली लंबे समय से भूमिगत हैं। यह भी पढ़ें- 'अब समझ में आ गया कि क्रांति नहीं चलेगी', झारखंड में 27 नक्सलियों ने सरेंडर करते हुए क्या कहानक्सल गतिविधियों में विराम बहरहाल, पुलिसिया कार्रवाई के बाद से इलाके में नक्सल गतिविधियां में विराम लग गया है। जानकारी के अनुसार दो दशक पहले नक्सल संगठन के लिए पारसनाथ इलाका सुरक्षित ठिकाना माना जाता था। पारसनाथ पहाड़ की भोगौलिक बनावट व घनघोर रूप से जंगल का इलाका पूरी तरह सेफ ज़ोन कहा जाता था। घनघ...