रुडकी, मार्च 2 -- झबरेड़ा, संवाददाता। प्राचीन होलिका दहन स्थल पर सोमवार सुबह से ही महिलाओं, बच्चों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। महिलाओं ने होलिका माता को जल अर्पित किया और सूत का धागा लपेटकर परिक्रमा की। पूजन सामग्री में गोबर के उपले, नई फसल की गेहूं की बालियां, हल्दी, अक्षत, फूल और बेर अर्पित किए गए। महिला उषा सैनी, संतोष, चाहती सैनी, अंजू, कुसुम, मंजू बाला, रमेशो, पूनम सैनी व रेखा ने बताया कि होलिका पूजन से घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और बच्चों पर आने वाले संकट टल जाते हैं। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। क रंगों के बजाय प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें और आपसी भाईचारे के साथ इस पर्व को मनाएं।
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