धनबाद, मार्च 3 -- झरिया व आसपास के क्षेत्रों में होली का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। जिधर देखो उधर होली के गीत बज रहे हैं। कहीं 'होली खेले रघुवीरा अवध में...', 'होलिया में उड़े रे गुलाल...' जैसे गीत गूंज रहे हैं, तो कहीं पारंपरिक झाल, ढोलक और मंजीरे की धुन पर 'शिव सती खेलें फाग, नाचत ताल, बजावत डमरू...' जैसे फगुआ गीत गाए जा रहे हैं। होली बुधवार को मनाई जाएगी, जिसे लेकर सोमवार को झरिया बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने जमकर मुखौटे, रंग, गुलाल, पिचकारी, खाद्य सामग्री, फल, पंचमेवा, टोपी, कपड़े और सब्जियों की खरीदारी की। झरिया बाजार के सब्जी पट्टी, गोल घर, दर्जी पट्टी, कपड़ा पट्टी, अशोक रोड और गांधी रोड में विशेष भीड़ देखने को मिली। बाजार में 10 रुपये से लेकर 450 रुपये तक की पिचकारी बिक रही है, जिसमें 'मास्टर गन' की मांग सबसे अध...