सोनभद्र, मई 22 -- घोरावल, हिंदुस्तान संवाद। असत्य पर सदैव सत्य की विजय होती है। राक्षसी प्रवृत्ति चाहे कितना भी शक्तिमान हो, लेकिन उसे उसके कर्मों का फल अवश्य मिलता है। उक्त बाते स्थानीय विकासखंड के पेढ़ ग्राम स्थित हनुमान मंदिर पर चल रहे सप्त दिवसीय शिव शक्ति महायज्ञ में व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए महीसागर गुजरात के आचार्य सुमन पुरी ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पाप कितना ही बड़ा हो, लेकिन उसका अंत अवश्य होता है। भगवान श्रीराम जब अयोध्या से वनवास के लिए पंचवटी में गए वहां माता-सीता का हरण होने के बाद खर और दूषण जो विशाल एवं अजेय सेना के मालिक थे तथा रावण के समान पराक्रमी थे, लेकिन उन्हें भगवान श्रीराम ने अपने सत्य एवं पराक्रम से परास्त कर दिया। जब रावण को यह ज्ञात हुआ कि खर और दूषण और उसकी सेना मारी गई तो उसे यह आभास हो गया की श्रीराम ए...