कोटा, अक्टूबर 2 -- पापा, मैं कमजोर नहीं हूं, जो सुसाइड कर लूं। 20 साल का लकी चौधरी अक्सर अपने पिता से यही कहता था। लेकिन बुधवार को वह विज्ञान नगर स्थित अपने पीजी कमरे में फंदे पर लटका मिला। दिल्ली का रहने वाला लकी कोटा में नीट की तैयारी कर रहा था। उसकी मौत ने सिर्फ एक परिवार का सहारा नहीं छीना, बल्कि उस भरोसे को भी तोड़ दिया जो हर साल हजारों परिवार अपने बच्चों को यहां भेजते समय रखते हैं। गुरुवार को जब पिता दिलीप चौधरी बेटे का शव लेने कोटा पहुंचे तो आंखों से बहते आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने बिलखते हुए कहा - "हमने उसे दो साल पहले बड़े सपनों के साथ कोटा भेजा था। वह कहता था- मैं कमजोर नहीं हूं। लेकिन आज मेरा इकलौता बेटा ही चला गया।" लकी चौधरी दिल्ली का रहने वाला था और मेडिकल में करियर बनाने का सपना लेकर कोटा आया था। शुरू में हॉस...
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