इटावा औरैया, मई 2 -- जसवंतनगर। क्षेत्र के ग्राम निजामपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचिका शिवानी शास्त्री ने गौकर्ण-धुंधकारी प्रसंग का वर्णन किया। गौकर्ण-धुंधकारी कथा के जरिए उन्होंने समझाया कि पापमय जीवन से मुक्ति केवल भगवान के स्मरण और सत्संग से ही संभव है। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं के मन को गहराई से छू लिया। इसके साथ ही भागवत पुराण से जुड़े राजा परीक्षित के प्रसंग का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा में बताया गया कि किस प्रकार भगवान की कृपा से गर्भ में ही उनकी रक्षा हुई और आगे चलकर उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा श्रवण कर मोक्ष प्राप्त किया। परीक्षित विनोद, पत्नी रीना देवी, यज्ञपति राकेश भाई, मीरा देवी, रामसेवक और शकुंतला देवी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई।

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