नई दिल्ली, अगस्त 11 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पान मसाला की पैकेजिंग पर सख्त रुख अपनाया है। इस कदम से लंबे समय से चले आ रहे प्लास्टिक पाउच के इस्तेमाल पर विराम लग जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस कदम से पाउच सैशे के रूप में रोजाना 10 से 15 टन प्लास्टिक कचरा पर्यावरण में जाने से बचेगा। इस कड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य पान मसाला के छोटे-छोटे पाउच से पैदा होने वाले प्लास्टिक कचरे पर लगाम लगाना है। एक अनुमान के अनुसार, देश के खाद्य और एफएमसीजी क्षेत्र में सालाना 7 से 10 लाख मीट्रिक टन मल्टीलेयर पैकेजिंग इस्तेमाल होती है, जिसमें पान मसाला उद्योग की हिस्सेदारी 35,000 से 40,000 टन यानी करीब 3 से 5 प्रतिशत है। इससे रोज़ाना 95 से 110 टन पान मसा...