पानी के नाम पर हर साल करोड़ों खर्च, फिर भी संकट जस का तस
गंगापार, जून 12 -- शंकरगढ़ में पेयजल व्यवस्था सुधारने के नाम पर करोड़ों रुपये प्रति वर्ष खर्च होता है इसके बावजूद गर्मी के मौसम में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो जाता है। जानकारों का कहना है कि शंकरगढ़ का अधिकांश क्षेत्र पहाड़ी एवं पथरीला है। लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण स्थिति वर्ष दर वर्ष गंभीर होती जा रही है।
जल स्तर की गिरावटएक समय था जब 100 से 150 फीट की गहराई पर पर्याप्त पानी मिल जाता था, लेकिन अब कई स्थानों पर बोरिंग 400 से 500 फीट से अधिक गहराई तक करनी पड़ रही है। इसके बावजूद गर्मी के दिनों में जलस्तर नीचे चले जाने से बोरिंग और हैंडपंप जवाब देने लगते हैं। केवल नई बोरिंग कराने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
दीर्घकालिक योजना की आवश्यकताविशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि शंकरगढ़ के लिए दीर्घकालिक पेयजल योजना तैयार...
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