मैनपुरी, जून 1 -- ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान की सोमवार को सीडीओ नेहा बंधु ने समीक्षा की। सीडीओ कार्यालय में आयोजित बैठक में डीआईओएस सतीश कुमार ने बताया कि डा. अनीता चौहान द्वारा प्रयास करके अनेक पाण्डुलिपियां ज्ञान भारतम एप पर अपलोड कराई गई हैं। डा. अनीता चौहान ने जिले के विशिष्ट कवियों, लेखकों से संपर्क कर उनकी पाण्डुलिपियां एप पर अपलोड कराईं। सीडीओ नेहा बंधु ने कहा कि कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा, धातु आदि पर हाथ से लिखे गए ग्रंथ जो कम से कम 75 वर्ष प्राचीन हो को पाण्डुलिपि माना जाएगा। पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य पाण्डुलिपि संग्रह केंद्र के प्रभारी की सहमति प्राप्त कर ही किया जाएगा। उन्होंने सर्वेक्षकों को निर्देशित किया कि वह जिले के सभी साहित्यकारों, कवियों तथा अन्य व्यक्तियों से समन्वय कर पाण्डु...