गंगापार, मई 13 -- केन्द्र व प्रदेश सरकार भले ही पेयजल के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की बात कर रही हो, लेकिन असलियत कुछ इससे अलग है। मेजा विकास खंड के पाठा इलाके में कई गांव आज भी शुद्ध पानी के लिए परेशान रहते हैं। पाठा क्षेत्र के महुली ढकरा बस्ती व सिलौधी के नई गढ़ी में कुछ इसी तरह के हालात हैं, जहां लोग सुबह से शाम तक सिर्फ पीने के पानी को इकट्ठा करने के लिए संघर्ष करते रहते हैं।

महुली ढकरा बस्ती की स्थिति महुली कला गांव की ढकरा बस्ती के रामसिया, राधेश्याम, हरिगोविन्द सहित कई ने बताया कि उनकी बस्ती में एक दशक पूर्व स्थापित दोनों हैंडपंप पानी देना बंद कर रखे हैं। पानी के लिए वह बस्ती से एक किलोमीटर दूर महुली कला गांव जाते हैं, वहां से पानी लाकर दिन भर काम चलाते हैं। प्रधान महुली विमल नारायण तिवारी ने बता...