कानपुर, सितम्बर 29 -- कानपुर, संवाददाता। पागल कुत्ते के काटने के बाद दिमागी संतुलन खोने वाले बिधनू के एक किसान ने सोमवार रात बांके से गर्दन रेतकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने खेत में रक्तरंजित शव देखकर पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि हैलट में डॉक्टरों ने उन्हें रैबीज होने की जानकारी दी थी। वह अजीब हरकतें करने लगे थे और काली मंदिर में बलि देने की बात कहते थे।

किसान की पहचान मूलरूप से घाटमपुर के तरगांव निवासी 57 वर्षीय रामआसरे किसान थे। अविवाहित होने के कारण बिधनू के धीरपुर गांव में बहन सुखरानी और बहनोई मुन्नीलाल के घर में 20 साल से रह रहे थे। भांजे शैलेष ने बताया कि मामा खेत में बने ट्यूबवेल के कमरे में रहते थे। 14 सितंबर की रात को सोते समय पागल कुत्ते ने मामा के होंठ में काट लिया था। इसके बाद से वह अजीबो-गरी...