इस्लामाबाद, जुलाई 17 -- ईरान पर अमेरिका और इजराइल के ताजा हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में भड़के युद्ध का सीधा असर अब पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है। हालात ये हैं कि पाकिस्तान में विदेशी निवेश आने के बजाय तेजी से बाहर जा रहा है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष (2026-27) के पहले 10 दिनों में घरेलू बाजार में, खासकर खाड़ी देशों से, कोई भी नया विदेशी निवेश नहीं आया है। युद्ध ने न सिर्फ कच्चे तेल की कीमतें बढ़ा दी हैं, बल्कि पाकिस्तान जैसे देशों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। यहां न तो कोई विदेशी निवेश आ रहा है और न ही निर्यात के लिए बाजार में कोई स्थिरता बची है।बहरीन ने निकाले 3 करोड़ डॉलर ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मुस्लिम देश बहरीन ने पाकिस्तानी घरेलू बांड्स से अपने 3 करोड़ डॉलर निकाल...