नई दिल्ली, सितम्बर 3 -- कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में जान फूंकने वाले सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बताया है कि कैसे वह लद्दाख के एलजी वीके सक्सेना की ओर से की गई टिप्पणी की वजह से अभिजीत दीपके से संपर्क में आए और फिर जंतर-मंतर से अस्पताल तक 26 दिनों तक भूख हड़ताल भी की। वांगचुक ने बताया कि एलजी ने सीजेपी को लेकर 'पाकिस्तान-बांग्लादेश और अमेरिका' वाला आरोप लगाते हुए उन्हें समर्थन नहीं देने को कहा था। इसके बाद पड़ताल करते हुए उन्हें यह निराधार लगा और उन्होंने सीजेपी का साथ देने का फैसला कर लिया। हालांकि, अभिजीत दीपके की डिग्री को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर वांगचुक ने कहा कि इस बात की और पड़ताल करनी चाहिए। यू्ट्यूबर प्रखर गुप्ता को दिए एक इंटरव्यू में जब वांगचुक से पूछा गया कि क्या वे CIA के एजेंट हैं? तो वह खूब...