नई दिल्ली, अगस्त 2 -- पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बुनियादी सुविधाओं, महंगाई और स्थानीय चुनावों में धांधली को लेकर भड़का जन-आक्रोश हिंसक रूप ले चुका है। हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान 40 से ज्यादा नागरिकों की मौत के बाद भी पाकिस्तानी विदेश और रक्षा मंत्रालय की ओर से प्रदर्शनकारियों को "भारत की तरह दुश्मन" करार दिया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के इस रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्लामाबाद के अत्याचारों पर जवाबदेही तय करने का आह्वान किया है। लेकिन इस बड़े घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि 60% से ज्यादा युवा आबादी और करीब 7 करोड़ Gen Z वाले पाकिस्तान में कोई देशव्यापी युवा क्रांति क्यों नहीं हो पा रही है?'हाइब्रिड शासन' और म्यूजिकल चेयर्स का...