इस्लामाबाद, जून 6 -- पाकिस्तान के सिंध प्रांत में कृषि और प्रशासनिक व्यवस्था के चरमराने के बीच गेहूं का भारी संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने खुले बाजार में गेहूं की बढ़ती कीमतों पर गंभीर चिंता जताई है। यह पूरी स्थिति सरकार की उस नाकामी को उजागर करती है, जहां वह बाजार में जमाखोरों और मुनाफाखोरों पर लगाम कसने में पूरी तरह विफल रही है।सरकारी खरीद में भारी नाकामी 4 जून तक खाद्य विभाग ने 10 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले केवल 79,835.66 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद की है, जो लक्ष्य का 8% से भी कम है। सरकार द्वारा तय किया गया समर्थन मूल्य (PKR 3,500 प्रति 40 किलो) बाजार भाव से काफी कम था। इसके कारण किसानों ने अपना गेहूं सरकारी एजेंसियों को बेचने के बजाय निजी खरीदारों को ऊंचे दामों पर बेचना बेहतर समझा।आम जनता पर महंगाई ...