नई दिल्ली, जुलाई 20 -- पाकिस्तान में चीन का अरबों डॉलर का निवेश (CPEC) इस समय भयंकर संकट के दौर से गुजर रहा है। बलूचिस्तान प्रांत में लगातार बढ़ती हिंसा, अलगाववादी हमलों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों ने बीजिंग की चिंताओं को चरम पर पहुंचा दिया है। इसके साथ ही, हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई बलूचिस्तान की एकतरफा 'स्वतंत्रता की घोषणा' ने इस पूरे इलाके की अनिश्चितता को एक नई बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।एकतरफा 'आजादी का ऐलान' और जमीनी हकीकत हाल ही में 13 जुलाई 2026 को बलूच अलगाववादी कार्यकर्ताओं की तरफ से इंटरनेट पर एक कथित घोषणा पत्र जारी किया गया, जिसमें "रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान" के गठन का दावा किया गया। इस घोषणा में दावा किया गया कि बलूच ताकतों ने 85% क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया है, साथ ही अपनी नई मुद्रा ('बलूची फलूस'), राष्ट्रगान...