इस्लामाबाद, मार्च 28 -- पाकिस्तान की परेशानियां दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। अपने आर्थिक संकट को दूर करने के लिए पाकिस्तान लगातार कोशिशों में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में उसने एक बार फिर आईएमएफ के सामने कटोरा फैला दिया है। पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने दो अलग-अलग व्यवस्थाओं के तहत लगभग 1.2 अरब डॉलर के लिए एक शुरुआती समझौता किया है। साल 2024 से सिलसिलागौरतलब है कि पाकिस्तान 2024 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के सात अरब डॉलर के ईएफएफ कार्यक्रम में शामिल हुआ, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, बाजार में विश्वास बहाल करना, राजकोषीय सुधारों को बनाए रखना और ऊर्जा क्षेत्र की अक्षमताओं को कम करना है। पिछले साल, पाकिस्तान को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, आपदा प्रबंधन को मजबूत करने, जल दक्षता में सुध...