नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- संजय कुमार भारद्वाज,प्रोफेसर, जेएनयू सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हालिया हमलों की एक शृंखला ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौता, यानी मक्का पैक्ट को सक्रिय कर दिया है। यह पश्चिम एशिया की सुरक्षा संरचना में एक अहम मोड़ है। मक्का पैक्ट उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के अनुच्छेद 5 के 'सामूहिक सुरक्षा ढांचे' के समान है, जिसमें किसी एक सदस्य पर हुआ हमला सैद्धांतिक रूप से सब पर आक्रमण माना जाता है। मक्का पैक्ट पश्चिम एशिया में अमेरिका के नेतृत्व वाले पारंपरिक सुरक्षा कवच के एक विकल्प के रूप में उभरा है। दरअसल, इसकी मुख्य वजह अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता क्षेत्रीय युद्ध है। हालांकि, इस समझौते को सक्रिय करने का कारण हूतियों द्वारा दक्षिण अरब में किए गए हालिया हमले हैं। अब यह समझौता एक सक्रिय सैन्य गठबंधन में तब्दील ...