नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गुरुवार को भीषण हिंसा हुई है। इस हिंसा में तीन पुलिस अधिकारियों समेत 15 लोगों की मौत हुई है। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पों में दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं। सवाल यह है कि जिस कश्मीर को इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान हथियाने का ख्वाब देखता है, उसके ही एक हिस्से में इतना असंतोष क्यों है। इसकी वजह है कि स्थानीय लोग अकसर सरकार की योजनाओं में भेदभाव के आरोप लगाते रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर स्वायत्तता के अभाव, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे अहम रहे हैं। हालिया प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट ऐक्शन अवामी कमेटी की ओर से हो रहा है। ऐक्टिविस्ट शौकत नवाज मीर के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन की शुरुआत 29 सितंबर से हुई थी, जब बंद बुलाया गया था। इस बंद के तहत कई जिलों म...