मॉस्को, मई 30 -- अफगानिस्तान में तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता देने के एक साल के भीतर रूस ने अब उसके साथ सैन्य सहयोग समझौता कर लिया है। इस कदम को दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि रूस और तालिबान के बीच बढ़ती नजदीकियां भारत के लिए कुछ रणनीतिक अवसर पैदा कर सकती हैं, जबकि पाकिस्तान के लिए यह स्थिति असहज करने वाली हो सकती है।मॉस्को में हुई समझौते पर मुहर रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को मॉस्को में आयोजित 'इंटरनेशनल सिक्योरिटी फोरम' की बैठक के दौरान अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब और रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु के बीच इस समझौते पर मुहर लगी। हालांकि समझौते की पूरी शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं। अफगान पक्ष ने इसे दोनों देशों के बीच संबंधों के विस्तार की दिशा में बड़ा क...