नई दिल्ली, नवम्बर 24 -- लाल किले बम धमाका में शामिल व्हाइट कॉलर आंतकी मॉड्यूल को बरगलाने की ट्रेनिंग साल 2019 में सोशल मीडिया के जरिए शुरू होने की बात सामने आई है। जांच में पता चला है कि ये पढ़े-लिखे लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान समेत दुनिया के तमाम हिस्सों में बैठे आतंकी आकाओं से दहशतगर्दी सीख रहे थे। ये लोग एक्स, फेसबुक, टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए जुड़े थे।टेलीग्राम के प्राइवेट ग्रुप से सीखी दहशतगर्दी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस आतंकी मॉड्यूल में डॉ मुजम्मिल, डॉ आदिल, डॉ मुजफ्फ, डॉ उमर जैसे लोग सीमापार से चलाए जा रहे सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए उन दहशतगर्दों से जुड़ते थे। इन लोगों ने जल्द ही टेलीग्राम के प्राइवेट ग्रुप की मदद से संपर्क साधना शुरू कर दिया था। जानकारी में सामने आया है कि भारत के इस व्हाइट कॉ...