गोरखपुर, मई 19 -- गोरखपुर। मुख्य संवाददाता। रामगढ़झील को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए जीडीए फाइटोरेमेडिएशन तकनीक (वनस्पति उपचार या पादप उपचार) अपनाएगा। इस परियोजना पर तकरीबन दो करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होने का अनुमान है। सोमवार को निरीक्षण के पहुंचे प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने मुख्य अभियंता किशन सिंह को इसके लिए विस्तत परियोजना रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। यह भी पढ़ें- पादप उपचार विधि से साफ होंगे रामगढ़झील में गिरने वाले नालेनालों का प्राकृतिक शोधन बुद्धा गेट के पास झील में गिरने वाले नगर निगम के पांच बड़े नालों गोल्फ क्लब, पैडलेगंज, साहबगंज मंडी, रुस्तमपुर और इंदिरानगर नाले का पानी का प्राकृतिक तरीके से शोधन किया जाएगा। असल में मानसून में अधिक जलप्रवाह के कारण ये नाले ओवरफ्लो होकर सीधे झील में गंदा पानी छोड़ते हैं, जिसस...