मधुबनी, अप्रैल 28 -- मधुबनी। सूबे के मुख्य सचिव अमृत की अध्यक्षता में कल देर शाम वर्चुअल माध्यम से आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में समीक्षा के क्रम में जिलावार पांडुलिपियों के सत्यापित एवं स्वीकृत सर्वेक्षण की स्थिति का आंकलन किया गया। जिसमें मधुबनी ने 3,96,487 पांडुलिपियों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। जबकि गयाजी 1,11,398 पांडुलिपियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। यह सफलता जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। पांडुलिपि ऐसे हस्तलिखित दस्तावेज़ होते हैं जो 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने होते हैं। जिनमें ऐतिहासिक,सांस्कृतिक, साहित्यिक या ज्ञानवर्धक महत्व निहित होता है। यह हमारी सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। भारत सरकार द्वारा ...