औरंगाबाद, अप्रैल 29 -- औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। औरंगाबाद की डीडीसी अनन्या सिंह ने ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की विस्तृत समीक्षा की। हसपुरा प्रखंड अंतर्गत अमझर शरीफ स्थित खानकाह कादरिया मोहम्मदिया का निरीक्षण किया गया, जहां लगभग 12 सौ वर्ष पुरानी हस्तलिखित कुरान की दो प्रतियां, कपड़े पर लिखित कुरान, कमरबंद, चादर (जिस पर कुरान की आयतें अंकित हैं), पैगम्बर मोहम्मद का मुय मुबारक (दाढ़ी का बाल) एवं पैर के निशान सहित अन्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की धरोहरें प्राप्त हुईं। पांडुलिपियों का विधिवत पंजीकरण सैयद शर्फुद्दीन कादरी के पुत्र सैयद मोहम्मद हुसैन कादरी के नाम से किया गया। यह भी पढ़ें- पांडुलिपियों, ताड़पत्रों, दुर्लभ ग्रंथों का संरक्षण करेगी सरकार कुल 309 पांडुलिपियां प्राप्...