भागलपुर, जून 12 -- भागलपुर, प्रधान संवाददाता। सिपाहियों का प्रशिक्षण समाप्त होने वाला है। इस महीने के अंत तक राज्य के विभिन्न जिलों को 21 हजार सिपाही मिल जाएंगे। वे जिलों में योगदान देंगे और उनकी ड्यूटी की शुरुआत हो जाएगी। सिपाहियों के योगदान देने से पहले ही उनको लेकर डीजीपी का आदेश आ गया है। सभी जिलों को दिए आदेश में डीजीपी विनय कुमार ने यह साफ कर दिया है कि योगदान देने के पांच साल तक सिपाही डीएपी (डिस्ट्रिक्ट आर्म्ड पुलिस) के तौर पर सशस्त्र ड्यूटी करेंगे। पांच साल के बाद डीएपी में सिपाहियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए उन्हें साधारण बल में परिणत किया जा सकेगा। डीएपी के साधारण बल में बदले जाने के बाद ही उनकी प्रतिनियुक्ति किसी कार्यालय या इकाई में की जा सकेगी। डीजीपी ने आदेश में कहा है कि सिपाहियों को नौकरी के शुरुआती पांच साल तक अं...