रायबरेली, जून 2 -- सतांव, संवाददाता। गरीबी व तंगहाली का जीवन बिता रही महिलाएं अब स्वयं सहायता समूहों से जुड़ कर आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनेंगी। सीडीओ की पहल पर शुरू किये गये पुनर्वास एवं सम्मान कार्यक्रम के तहत ब्लाक में पांच समूहों का गठन किया गया है। समूहों का संचालन कर यह महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होकर समाज की मुख्य धारा से जुड़ेंगी। क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने और बेचने का कारोबार चोरी छिपे चल रहा है। इस धन्धे में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या ज्यादा है। बीडीओ डॉ. अंजूरानी वर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी की पहल पर ऐसी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने व उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत कर समाज के मुख्य धारा में लाने के प्रयास में लग गयीं है। बीडीओ के मुताबिक ऐसी महिलाओं को आजीविका मिशन के मा...