नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- नई दिल्ली। एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने उनके खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय पीठ गठित किए जाने के राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के फैसले का बुधवार को विरोध किया। उन्होंने कहा कि न्यायाधिकरण को ऐसी पीठ गठित करने का अधिकार नहीं है। एनसीएलटी ने मंगलवार को एस्सेल समूह के चेयरमैन चंद्रा को अपनी संपत्तियां हस्तांतरित करने से रोक दिया था और समूह की उधारी के लिए दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े दावों के निपटारे की अनुमति देने वाले आदेश पर रोक लगा दी थी। यह भी पढ़ें- चंद्रा की संपत्ति बेचने, निपटान योजना पर रोक यह भी पढ़ें- कर्जदाताओं ने चंद्रा की संपत्ति की और जांच की मांग की

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