पिथौरागढ़, जनवरी 22 -- प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जहां साल दर साल फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, वहीं सीमांत जिले में बीते पांच वर्षो में वनाग्नि की घटनाओं में करीब सात गुना की कमी होने का दावा वन अधिकारी कर रहे हैं। प्रशासनिक आला अधिकारियों का दावा है कि विभागीय सतर्कता, समयपूर्व तैयारी, जन-जागरूकता अभियानों, संयुक्त गश्त, सुदृढ़ वायरलेस संचार व्यवस्था व त्वरित कार्रवाई के कारण यह संभव हुआ है। डीएफओ आशुतोष सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में आरक्षित और पंचायती वन में वनाग्नि की कुल 282 घटनाएं सामने आई। इन घटनाओं में 516.80 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ। वर्ष 2022 में वनाग्नि की घटनाएं कम होकर 206 तक पहुंची। तब 315.50 हेक्टेयर जंगल जला। वर्ष 2023 में वनाग्नि की घटनाएं आधी होकर 103 पहुंची। तब 111.15 हेक्टेयर जंगल को नुकसान ...
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