गुमला, मार्च 27 -- गुमला, प्रतिनिधि। चाईबासा सदर अस्पताल में एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ने के मामले के बाद 30अक्टूबर को लाइसेंस नहीं होने के कारण गुमला जिले का ब्लड बैंक बंद कर दिया गया था। इसके 12 दिनों बाद सेंट्रल टीम ने निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और जल्द लाइसेंस जारी करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन करीब पांच महीने बीत जाने के बाद भी अब तक लाइसेंस निर्गत नहीं हो पाया है। जिससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। फिलहाल गुमला ब्लड बैंक स्टोरेज यूनिट के रूप में कार्य कर रहा है। यहां एकत्रित रक्त को जांच के लिए रांची भेजा जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही मरीजों को उपलब्ध कराया जाता है। इस प्रक्रिया में समय के साथ-साथ विभागीय खर्च भी बढ़ रहा है। प्रतिदिन वाहन से रक्त भेजने में ईंधन की खपत और स्वास्थ्य कर्मियों का समय दो...