बांदा, मई 3 -- गिरवां। गोशालाओं के संरक्षण व इलाज में सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, पर जिम्मेदारों की संवेदनहीनता की वजह से गोवंश उपेक्षित हैं। उसका इलाज कराया जा रहा और न ही कोई देखभाल हो रही है। वहीं गाय की मदद के लए कुछ युवकों ने हाथ बढ़ाए हैं। नहर में एक गाय सप्ताह भर से बीमार व घायल तड़प रही है, ध्यान दिलाने के बावजूद पशु चिकित्साधिकारी व गोशाला संचालक और गोसेवकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। रविवार को हरिओम तिवारी, अमन तिवारी, गोल्हू तिवारी. शशिकांत पूर्व चिकित्साधिकारी डॉ.रामकिशोर गुप्ता को लेकर पहुंचे और गाय का इलाज कराया। तेज धूप में खुले में बीमार गाय को पानी पिलाया और भूसा रखा। हरिओम तिवारी ने बताया गांव में ही वृहद गोशाला है। गोशाला संचालक पुष्पेंद्र सिंह चंदेल से बीमार गाय के इलाज व संरक्षण की बात कही गई। उन्होंने जवाब दिय...