पांच जिलों में विकसित होंगे औषधीय गांव
समस्तीपुर, मार्च 18 -- पूसा । अब औषधीय पौधों की खेती से बिहार व झारखंड के जनजातीय समुदाय को सशक्त किया जायेगा। इसके लिए भारत सरकार ने डॉ.राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विवि को एक परियोजना की स्वीकृति दी है। प्रथम चरण में बिहार के जमुई एवं झारखंड के देवघर, दुमका, गोडडा एवं गिरीडीह जिले में कार्य होगा। बेहतर रिजल्ट आने पर अन्य क्षेत्रों में भी इसे विस्तारित किया जायेगा। इसके तहत चयनित गांवो को औषधीय विलेज(गांव) के रूप में विकसित किया जायेगा। इस कड़ी में उत्पादन के बाद क्रय करने वाली संस्थाओं के साथ संपर्क स्थापित करा लाभ पहुंचाने का कार्य विवि के वैज्ञानिक करेंगे। परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ.दिनेश राय ने बताया कि इसकी शुरूआत बेल, आंवला, नीम, करंज, एलोबेरा, मेंथा, ब्रांहनी जैसे औषधीय पौधों का वितरण से किया गया है। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं को...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.