बरेली, सितम्बर 3 -- अंकित शुक्ला, बरेली। वायु प्रदूषण के असली कारणों की पहचान अब वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय को विश्व बैंक से वित्तपोषित यूपी कैंप परियोजना मिली है। इसके तहत विश्वविद्यालय में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक एयर क्वालिटी लैब स्थापित की जाएगी। लैब में जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदूषण के लिए कौन-कौन से स्रोत कितने जिम्मेदार हैं। परियोजना का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में वायु प्रदूषण को करीब 40 फीसदी तक कम करने में योगदान देना है। परियोजना के प्रधान अन्वेषक प्रो. उपेंद्र कुमार हैं। वह पादप विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष और कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन हैं। उनके कृषि और पादत विज्ञान के लंबे...