बागपत, सितम्बर 30 -- बागपत। गर्भावस्था के दौरान जोखिम बढ़ने का एक बड़ा कारण है चार बार से अधिक प्रेगनेंसी। पांचवीं या अधिक बार गर्भधारण से जच्चा-बच्चा, दोनों के लिए कई तरह की जटिलताएं बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग के दौरान पांच या इससे अधिक बार गर्भवती होने वाली 110 महिलाओं को हाई रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में शामिल किया गया है। गर्भवतियों का चिकित्सकीय प्रबंधन कठिन होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। पांचवीं या इससे अधिक गर्भावस्था वाली महिलाओं में प्रसव के दौरान जटिलताओं की आशंका बढ़ सकती है। इनमें प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव, एनीमिया, उच्च रक्तचाप और अन्य जटिलताओं का जोखिम हो सकता है। इसलिए ऐसी गर्भवतियों की पहचान कर नियमित निगरानी और समय से उपचार की जरूरत होती है। बागपत में 110 से अधिक गर्भवतियों को हाई रिस्क श...