गंगापार, जनवरी 2 -- सनातन धर्म में पौष पूर्णिमा का विशेष महत्व है। नए साल 2026 की पहली पूर्णिमा आज तीन जनवरी को है। इस दिन तीन शुभ योगों के साथ माघ मेले का शुभारंभ हो जाएगा। पौष पूर्णिमा पर ब्रह्म योग, इंद्र योग और शिव वास योग का एक साथ बनना बेहद दुर्लभ और फलदायी माना जा रहा है। इसी स्नान पर्व से माघ महीने के कल्पवास का क्रम शुरू हो जाएगा। दूरदराज के कल्पवासियों और श्रद्धालुओं के आने का क्रम बरकरार है। ज्योतिष विशेषज्ञ पं उमेश शास्त्री दैवज्ञ ने बताया कि पौष पूर्णिमा के दिन ऐसे योग पुण्य, सुख और सौभाग्य बढ़ाते हैं। शास्त्रों के मुताबिक पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस दिन पवित्र नदियों और प्रयागराज के संगम में स्नान, दान, जप, तप और अर्घ्य का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि यहां पौष मास में किए गए सभी धार्मिक ...