हाजीपुर, अप्रैल 18 -- हाजीपुर। लालगंज। हि.टी. मौसम की अनिश्चितता के बीच खेतों की जुताई, मजदूरों की मजदूरी, खेतों की सिंचाई, बीज की खरीद, रासायनिक खाद, कीटनाशक के महंगे होने के साथ ही भंडारण की सुविधा नहीं होने से धान जैसे अनाज के साथ ही कभी-कभी फल, सब्जियों की खेती भी घाटे का सौदा साबित हो जाती है। भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण किसानों को औने-पौने दाम में बेचनी पड़ती है। जलवायु परिवर्तन के कारण फसलों को अनावृष्टि, अतिवृष्टि, तेज आंधी पानी, ओलावृष्टि के कारण भी नुकसान पहुंचता है। दूसरी तरफ खाद बीज, मजदूरी, पटवन काफी महंगा हो गया है। वर्षा की कमी और नहरों में पानी न छोड़े जाने के कारण अब सभी फसलों में पटवन करना पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- धरती पुत्रों की व्यथा: मौसम की अनिश्चितता का खेती पर पड़ा दुष्प्रभाव इस वर्ष की गेहूं की खेती में ही कि...
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