ललितपुर, जून 30 -- ललितपुर। रासायनिक खादों के बेहिसाब इस्तेमाल से खेत की मिट्टी बंजर होती जा रही है। जिसको उपजाऊ बनाए रखने के लिए किसान पहले मिट्टी की जांच कराएं, इसके बाद ही उर्वरकों का प्रयोग करें। जैविक और प्राकृतिक खादों का उपयोग मिट्टी की सेहत सुधारेगी, जिससे फसलें लहलहाएंगी और बेहतर उत्पादन होगा। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा अन्तर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र खिरियामिश्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डा. मुकेश चंद की अध्यक्षता में खेत बचाओं अभियान का आयोजन विकास खण्ड बिरधा के ग्राम जीरोन में किया गया। केंद्र अध्यक्ष ने बताया कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से देशव्यापी खेत बचाओ अभियान 1 से 30 जून तक चलाया गया। इस मौके पर विशेषज्ञों ने पौधों के लिए आवश्यक सभी 17 पोषक तत्वों नत्रजन, फास्फोर...