पूर्णिया, मई 14 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पहले नाका, फिर टीओपी और अब थाना लेकिन भवन वही पुराना। कहने को तो सहायक खजांची थाना जिला मुख्यालय का प्रमुख थाना है। परन्तु सुविधा ग्रामीण इलाके के थाने से भी बदतर है। करीब तीस सालों में इसने नाका से थाना तक का सफर तय किया, मगर अब तक इसे एक अदद अपग्रेडेड भवन नसीब नहीं हुआ है। मसलन थाना उसी पुराने भवन में जैसे- तैसे संचालित है, जिसमें पहले कभी नाका, फिर टीओपी संचालित हुआ करता था। सुविधाओं का दंश झेल रहे थाना भवन में यूं तो थानाध्यक्ष कक्ष, सिरिस्ता, मालखाना, सिपाही बैरक एवं हाजत हैं, परन्तु जगह के अभाव में इन्हें एक ही भवन में जैसे- तैसे एडजस्ट किया गया है। थानाध्यक्ष के छोटे से कक्ष के साथ भवन में एक बड़ा हॉल हुआ करता था, जिसे पार्टिशन कर अन्य कक्ष बनाए गए हैं। जिससे ये कक्ष काफी संकीर्ण ...