नई दिल्ली, जुलाई 9 -- अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर के कम से कम 14 मैतेई सिविल सोसाइटी संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से 2027 की जनगणन प्रक्रिया से पहले NRC यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स लागू करने की अपील की है। उनका कहना है कि मई 2023 से राज्य में चल रहे संघर्ष का स्थायी समाधान खोजने के लिए यह जरूरी है। इस कदम से केंद्र सरकार के सामने एक नई उलझन पैदा हो गई है क्योंकि मैतेई-बहुल घाटी के समूहों ने जहां NRC लागू करने का ज़ोरदार समर्थन किया है, वहीं कुकी-ज़ो और नागा जैसे आदिवासी समूहों ने इस पर चिंता जताई है और कहा है कि NRC का इस्तेमाल उनके समुदायों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। इन संगठनों का कहना है कि राज्य में जनसांख्यिकीय बदलाव और कथित अवैध प्रवास को लेकर चिंताओं के समाधान के लिए यह कदम आवश्यक है। प...