लखनऊ, फरवरी 3 -- उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की पहले आओ-पहले पाओ और छूट की योजना ने उसकी लॉटरी लगा दी है। परिषद ने अपने रेडी-टू-मूव फ्लैट्स की बुकिंग से 1000 करोड़ रुपये कमाए हैं। पहले यह फ्लैट बिक ही नहीं रहे थे। सात वर्षों से खंडहर हो रहे थे। भारी मांग को देखते हुए परिषद ने फ्लैटों के पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है। आंकड़ों की बात करें तो 31 जनवरी 2026 तक वेबसाइट के माध्यम से 2070 फ्लैट्स बुक किए गए थे, लेकिन उत्साह का आलम यह रहा कि आज (03 फरवरी) तक यह संख्या 2141 फ्लैट्स के पार पहुंच गई है। लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, आगरा, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे प्रमुख शहरों में परिषद की आवासीय योजनाओं को लेकर लोगों में जबरदस्त होड़ देखी जा रही है। --- डिस्काउंट का मिला जनता को फायदा परिषद ने मध्यम वर्गीय परिवारों और सरक...